Skip to main content

खान-पान और गठिया (To Control Arthritis Improve Diet)

          खान-पान और गठिया (To Control Arthritis Improve Diet) गठिया रोग में जोड़ों में गांठें बन जाती हैं और शूल चुभने जैसी पीड़ा होती है, चलने-फिरने में भी तकलीफ होने लगती है तथा जोड़ों में बहुत दर्द होता है गठिया का मूल कारण:  गठिया का मूल कारण है शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा का बढ़ जाना, जिसकी वजह से जोड़ों में सूजन आ जाती है। पीड़ित दर्द के कारण ज्यादा चल फिर नहीं सकता, यहां तक कि हिलने-डुलने में भी परेशानी होने लगती है। सबसे पहले इसका असर पैरों के अंगूठे में देखने को मिलता है। इस रोग की सबसे बड़ी पहचान ये है कि रात को जोड़ों का दर्द बढ़ता है और सुबह थकान महसूस होती है। गठिया में परहेज़ आवश्यक होता है  इसलिए आपको यह जानना जरुरी है क्या खाएं और क्या नहीं खाएं। गठिया में जड़ों वाली फ़ल सब्जियां काफी लाभप्रद होती हैं , गाजर, शकरकंद और अदरक अच्छा होता है। इनमें  प्यूरिन की मात्रा काफी कम होती है। गठिया से पीड़ित व्यक्तियों को ढेर सारा पानी पीनें और तरल पदार्थों का सेवन करने को कहा जाता है, लेकिन अल्कोहल और सॉफ्ट ड्रिंक के सेवन से ...

खान-पान और गठिया (To Control Arthritis Improve Diet)

Image result for arthritis


          खान-पान और गठिया (To Control Arthritis Improve Diet)

  • गठिया रोग में जोड़ों में गांठें बन जाती हैं और शूल चुभने जैसी पीड़ा होती है, चलने-फिरने में भी तकलीफ होने लगती है तथा जोड़ों में बहुत दर्द होता है
  • गठिया का मूल कारण: गठिया का मूल कारण है शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा का बढ़ जाना, जिसकी वजह से जोड़ों में सूजन आ जाती है। पीड़ित दर्द के कारण ज्यादा चल फिर नहीं सकता, यहां तक कि हिलने-डुलने में भी परेशानी होने लगती है।
  • सबसे पहले इसका असर पैरों के अंगूठे में देखने को मिलता है। इस रोग की सबसे बड़ी पहचान ये है कि रात को जोड़ों का दर्द बढ़ता है और सुबह थकान महसूस होती है।
  • गठिया में परहेज़ आवश्यक होता है इसलिए आपको यह जानना जरुरी है क्या खाएं और क्या नहीं खाएं।
  • गठिया में जड़ों वाली फ़ल सब्जियां काफी लाभप्रद होती हैं, गाजर, शकरकंद और अदरक अच्छा होता है। इनमें प्यूरिन की मात्रा काफी कम होती है।
  • गठिया से पीड़ित व्यक्तियों को ढेर सारा पानी पीनें और तरल पदार्थों का सेवन करने को कहा जाता है, लेकिन अल्कोहल और सॉफ्ट ड्रिंक के सेवन से बचें अगर आप अल्कोहल और सॉफ्ट ड्रिंक का सेवन करते हैं तो आपकी समस्या और भी बढ़ सकती है।
  • अल्कोहल खासकर बीयर शरीर में यूरिक एसिड के लेवल को तो बढ़ाता है और तो और शरीर से गैर जरूरी तत्व निकालने में शरीर को रोकता है। 
  • फ्रेक्टोस वाली चीजों का सेवन करने वालो को गठिया होने की संभावना दुगनी होती है, 2010 में किए गए एक शोध से यह बात सामने आई है।
  • अगर आप गठिया से पीड़ित है तो आप को उन खाद्य पदार्थों से परहेज करना चाहिए, जिनमें अधिक मात्रा में प्यूरिन पाया जाता हो, क्योंकि ज्यादा प्यूरिन हमारे शरीर में ज्यादा यूरिक एसिड पैदा करता है।
  • शतावरी, पत्तागोभी, पालक, मशरूम, टमाटर, सोयाबीन तेल जैसी सब्जिओं का गठिया से पीडित व्यक्तियों को परहेज करना चाहिए।
  

Comments

Popular posts from this blog

सर्वाइकल से निजात पाने के लिए जरूरी काम

सर्वाइकल से निजात पाने के लिए जरूरी काम तनावपूर्ण जिंदगी में ज्यादातर लोग किसी न किसी बीमारी से ग्रस्त रहते है, जिसमें  सर्वाइकल एक आम परेशानी है।  जब गर्दन की हड्डियों में घिसावट होती है तो सर्वाइकल की समस्या सामने आती है जिसे गर्दन के अर्थराइटिस के नाम से भी जाना जाता है। सर्वाइकल की परेशानी आमतौर पर ज्यादा टीवी देखने, लंबे समय  गर्दन को झुकाकर डेस्क वर्क या पढ़ाई-लिखाई करना, गर्दन में झटका देने, ज्यादा ऊंचे तथा कठोर तकिए का इस्तेमाल करने आदि से होती है। इसमें नसों पर दबाव पड़ने से दर्द गर्दन से शुरू होकर कंधे से होता हुआ पैरो के अगूंठे तक दर्द महसूस होता है। सर्वाइकल का दर्द कभी-कभी असहनीय हो जाता है जिस वजह से किसी भी काम में मन नहीं लगता।  ऐसे में लोग डॉक्टरी सहायता लेकर इस दर्द को दूर करते है। माना की डॉक्टरी सहायता जरूरी है लेकिन आप इसका घरेलू इलाज भी कर सकते है। हम आपको घर में सर्वाइकल के दर्द से छुटकारा दिलाने के तरीके बताएंगे जो आपके बहुत काम भी आएंगे।  1. गर्दन की एक्‍सरसाइज इस दर्द को कम करने के लिए गर्दन को घ़ड़ी की दिशा में हल्के-ह...

अर्थराइटिस के दर्द की करनी है छुट्टी, तो 7 बातों का रखें ख्याल

अर्थराइटिस के दर्द की करनी है छुट्टी, तो 7 बातों का रखें ख्याल दर्द, अकड़न और जोड़ों में सूजन जैसी बीमारियां अर्थराइटिस के ही लक्षण हैं। नियमित रूप से एक्सरसाइज करने से जोड़ों के दर्द और अकड़न से राहत मिलती है। साथ ही इससे मांसपेशियां मजबूत और लचीली भी होती हैं। इसके अलावा वजन कम करने में भी ये मददगार साबित होती है। एक्सरसाइज अर्थराइटिस के ट्रीटमेंट प्लान का ही एक हिस्सा है। इसके ट्रीटमेंट प्लान में रिलैक्सेशन, उचित आहार और मेडिटेशन शामिल है। मोशन एक्सरसाइज जोड़ों के मूवमेंट को सामान्य बनाए रखने के लिए मोशन की अलग-अलग तरह की एक्सरसाइज करनी चाहिए। इस तरह की एक्सरसाइज की मदद से शरीर में लचीलापन बना रहता है। आपको बता दें कि इन मोशन एक्सरसाइजों को नियमित रूप से किया जा सकता है, लेकिन कम से कम एक दिन छोड़ एक दिन इन्हें जरूर करना चाहिए। स्ट्रेंथनिंग एक्सरसाइज  वहीं मसल्स की पावर बढ़ानी है तो स्ट्रेंथनिंग एक्सरसाइज करनी चाहिए। मजबूत मसल्स होने से ज्वॉइंट्स भी मजबूत रहते हैं। स्ट्रेंथनिंग एक्सरसाइजों को भी नियमित रूप से किया जा सकता है, या फिर एक दिन छोड़ एक...